Network topology and types of topology in Hindi

क्या आपको पता हैं Network topology के बारे में? क्या आप जानते है कि Network topology कितने प्रकार कि होते है दोस्तो आप सभीको स्वागत है एक नया लिख में, पेहला वाला लिख में हम जानेथे रिपीटर क्या है लेकिन आज हम बात करेंगे Network topology kya hai ,तो बिना किसी देर किए चलिये देखते हें की network topology होता क्या है।

Network topology Kya Hai

Network topology का मतलब हैं डिवाइस को सजाने का तरीका, मतलब अगर आप दो या दो से ज़्यादा डिवाइस को जीसी तरीके से या जीसी आकृति से जोड़ना हैं उसीको Network topology काहा जाता हैं।

Types of network topology (टोपोलॉजी के प्रकार)

  1. स्टार टोपोलॉजी (Star topology )
  2. बस टोपोलॉजी (Bus topology )
  3. रिंग टोपोलॉजी (Ring topology )
  4. ट्री टोपोलॉजी (Tree topology )
  5. मेष टोपोलॉजी (Mesh topology )

स्टार टोपोलॉजी (Star Network topology)

अगर star topology की बात करें तो ये सबसे ज़्यादा important हैं और लोग इसको ज़्यादा इस्तेमाल भी करते हैं। इसमे एक खासियत ये हैं कि इसमें एक centralized डिवाइस होता हैं जो सारी कंप्यूटर को कंट्रोल करता हैं।वो centralized device हब या राऊटर या रिपीटर या फिर ब्रिज भी हो सकता हैं। इसी case में ये एक स्टार की तरहा नजारा आएगा इसीलिए इसको star topology काहा जाता हैं।
यहां पर आपको हर कंप्यूटर का central डिवाइस के साथ ही कनेक्ट करना चाहिए मतलब हब ओर राऊटर और रिपीटर के साथ।यहां पर अगर कोई कंप्यूटर खराब हो जाए तो केवल उसी कंप्यूटर में ही प्रभाव पड़ेगा दूसरे कंप्यूटर का कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन central device खराब हो जाएगा तो सभी कंप्यूटर बंद हो जाएगा कोई एक भी काम नहीं करेगा।

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star topology

फायेदा

  • स्टार टोपोलॉजी का चलाना और network modify करना आसान होता है।
  • अगर हमें कोई कंप्यूटर को निकालना हो तो हम निकल सकते हैं और अगर किसी कंप्यूटर को जोड़ना हो तो जोड़ सकते हैं यह करने से बाकी कंप्यूटर को कोई असर नहीं पड़ेगा
  • अगर कोई एक कंप्यूटर खराब हो जाए तो सिर्फ वही होगा बाकी कंप्यूटर के ऊपर कोई असर नहीं पड़ेगा।

नुकसान

  • टार टोपोलॉजी में अगर central डिवाइस खराब हो जाए तो उसका असर सभी कंप्यूटर के ऊपर पड़ेगा कोई एक भी कंप्यूटर काम नहीं करेगा।
  • यहां पर ज्यादा cable की जरूरत होती हैं कंप्यूटर को कनेक्ट करने के लिए।
  • यह बहुत महंगा होता है ।

बस टोपोलॉजी (Bus Network topology)

ये टोपोलॉजी एक बोहोत ही सिंपल सा network टोपोलॉजी हैं। इसी में एक बस केबल के द्वारा सारे डिवाइस कनेक्ट रेहते हैं ,मुख्य डिवाइस के साथ और के interface के द्वारा कनेक्ट रेहता हैं।इसका खासियत ये हैं कि उसको implement करनेके लिए किसी भी dedicated डिवाइस की जरूरत नहीं होता मतलब किसी हब की या फिर किसी स्वीच की जरूरत नेही होता हैं, आप सिंपल एक केबल पे कंप्यूटर को T-connecter के द्वारा कनेक्ट करते चेलो और सारे कंप्यूटर आपस में कनेक्ट हो जाएगा लेकिन आप किसी dedicated डिवाइस का इस्तेमाल नहीं किए इसलिए यह secure नहीं होता।

बस टोपोलॉजी के बीच में जो cable होता हैं उसको trunk cable केहते हैं और उसीसे सारे कंप्यूटर कनेक्ट होते हैं T-connecter की सहायता से।इसमें कोई भी network डिवाइस जोड़ने की जरूरत नहीं पड़ता इसीलिए ये secure भी नेही होता।

bus-topology-diagram
bus topology

फायेदा

  • बस टोपोलॉजी को set-up करना आसान होता है।
  • अगर बस टोपोलॉजी में कोई कंप्यूटर खराब हो जाए तो बाकी सारे कंप्यूटर को भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • ये आसन से extensions किया जा सकता हैं रिपीटर और कनेक्टर के द्वारा additional डिवाइस add किया जा सकता हैं।
  • ये टोपोलॉजी में बोहोत ही कम तार का इस्तेमाल होता हैं अगर बाकी टोपोलॉजी को देख जाए तो।
  • इसी टोपोलॉजी का cost price बहुत कम हैं।
  • Multiple डिवाइस भी बस टोपोलॉजी में कनेक्ट होता है

नुकसान

  • बस टोपोलॉजी central cable के उपर निर्भर करता हैं अगर backbone cable में कोईभी problem हो जाए तो सारे कंप्यूटर काम नहीं करेगा।
  • Network में कोई भी ब्रेकडाउन आने के बाद individual station के खराब निकालना मुश्किल हो जाता हैं।
  • टोपोलॉजी के आकर एंड scope के ऊपर सेंट्रल cable Length निर्भर करता हैं।
  • Network ठीक से काम कर राहा हैं कि नहीं इसके लिए terminator का इस्तेमाल किया जाता है।
  • इसका दाम टाइम के साथ भी बढ़ सकता है
  • बस टोपोलॉजी में security का options limited हैं किउंकि कोई भी डिवाइस बस टोपोलॉजी के backbone के साथ जोड़के रहता हैं।
  • Large टोपोलॉजी set-up में डाटा quality मेन्टेन नहीं करता।

रिंग टोपोलॉजी (Ring Network topology)

रिंग टोपोलॉजी में एक डिवाइस के साथ दूसरी डिवाइस की point-to-point कनेक्ट रेहता है। यहां पर जो डाटा एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में जाता है वह circular होकर जाता है। रिंग टोपोलॉजी भी स्टार टोपोलॉजी की तरहा ज्यादा इस्तेमाल होती है इसी टोपोलॉजी में इसका आकृति रिंग जैसे देखने को मिलेगा। रिंग टोपोलॉजी में एक secret है जो कि अगर इसको logically देखें तो ये रिंग की तरहा दिखेगा लेकिन इसको physically देखें तो ये स्टार टोपोलॉजी की तरहा काम करता है। इसी टोपोलॉजी में एक टोकन का इस्तेमाल किया जाता है और टोकन जैसी के पास होता हैं वही communicate कर सकता हैं बाकी कंप्यूटर नहीं कर सकते।

diagram-of-ring-topology
ring topology

फायेदा

  • इसी डिवाइस में install और reconfigure आसान होता है।
  • रिंग टोपोलॉजी के अंदर nodes के connectivity को control करने के लिए कोई server की जरूरत नहीं है।
  • यहां पर कोई एक resource के उपर हर एक nodes की समान access रेहता हैं।
  • रिंग के अंदर हर एक node एक टोकन के receive करने के बाद ही उनको डाटा packet को रिलीज करती हैं। ये automatically डाटा collision का संभावना घट जाती हैं।
  • रिंग टोपोलॉजी में सब डाटा traffic एक ही मार्ग में रहते हैं इसीलिए network के अंदर speed दूसरे टोपोलॉजी से ज्यादा रहता हैं।

नुकसान

  • यहां पर डेटा एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक एक ही direction में flow होता हैं अगर एक डिवाइस में कुछ problem आ जाता हैं तो वो सारे network पर प्रभाव पड़ता हैं।
  • Network एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक पहूंचता है और डाटा traffic को consider करते हुए रिंग का length कितना होगा यानी कि maximum रिंग का length और कितने number of device कनेक्ट रहेगा ये दोनो ही इसी टोपोलॉजी का बोहोत बड़ी constraint है।
  • रिंग टोपोलॉजी का जो network हैं वो इसके different डिवाइस के connecting तार के उपर highly निर्भर करता हैं।

ट्री टोपोलॉजी (Tree Network topology)

स्टार और बस टोपोलॉजी के combination को ही ट्री टोपोलॉजी काहा जाता हैं।ट्री टोपोलॉजी के बीच में से एक trunk cable जाता हैं अगर वो cable खराब हो जाएगा तो पूरा network डाउन हो जाएगा क्योंकि सारे कंप्यूटर उसी cable से ही कनेक्ट होते हैं ।अगर इसमें कितना भी नेया कंप्यूटर जोड़ना हैं तो आप जोड़ सेकते हैं कोई फर्क नही पड़ेगा। ट्री टोपोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता हैं network को बढ़ाने के लिए इसका आकृति देखने में बिल्कुल ट्री की तरहा हैं अगर कोई भी network खराब हो जाएगा तो उसी को निकालना आसान होता हैं, इनमें बहुत सारे केबल का जरूरत होता हैं।

diagram-of-tree-topology
tree topology

फायेदा

  • हर segment में अलग सी wiring की जाती हैं जीसीके कारण हम आसान से fault को निकाल सकते हैं।
  • ये hardware एंड software के लिए supported हैं
  • अगर किसी एक कंप्यूटर खराब हो जाएगा तो बाकी दूसरे कंप्यूटर को कोईभी प्रभाब नरही पड़ेगा।

नुकसान

  • अगर उसका जो Main cable हैं जीसीके साथ सारे डिवाइस जुड़ताथा अगर वो cable breakdown हो गेया तो सारे का सारे segment जो हैं वो भी breakdown हो जाएगा।
  • ये जोडने मे बोहोत ही कठिन हैं बाकी टोपोलॉजी से और बोहोत ज़्यादा cable की जरूरत होता हैं बस और स्टार टोपोलॉजी के अपेक्षा।

मेष टोपोलॉजी (Mesh topology)

मेष टोपोलॉजी जो हैं ये बाकी सब टोपोलॉजी से बिल्कुल अलग हैं,इसमें हर एक कंप्यूटर हर दूसरे कंप्यूटर के साथ physically कनेक्ट रेहता हैं। हर कंप्यूटर independently अपना मैसेज दूसरे कंप्यूटर को सेंड कर सकता हैं। ये टोपोलॉजी में independently एक कंप्यूटर अपना डाटा दूसरे को Send कर सकता हैं और कोई दूसरा देखने वाला नहीं हैं,ये ज़्यादा Wide Area Network (WAN) में इस्तेमाल होता हैं।

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Mesh topology

फायेदा

  • अगर कोई एक nodes में कोई problem आ जाए तो बाकी सारे कंप्यूटर के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • इसमें Troubleshoot करना बहुत आसान हैं।

नुकसान

  • सारे के सारे मेष network अगर बनाया जाए तो ये बहुत ही महंगा हो जाता हैं।
  • ये Wide Area Network (WAN) में इस्तेमाल होने वाला टोपोलॉजी है,इसीलिए इसको इसको Install करना और बनाना बोहोत कठिन हैं।

Conclusion

उम्मीद है कि आपको हमारा ये लेख ” Network topology and types of topology in hindi ” जरूर समझ में आया होगा। हमने इसी लेख को इतना सरल भाषा में लिखा कि आप समझ पाए और आपका कोई कठिनाई का सामना ना करना पड़े।और कुछ कंप्यूटर के बारे में जानना चाहते हैं तो आप हमारा दूसरे लेख भी visit कर सकते हैं। ये लेख आपको अच्छा लगा तो आपके दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। हमारे साथ जुड़े रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर भी फॉलो कर सकते हैं। धन्यवाद। एक कदम शिक्षा की ओर।